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श्री महाभारत
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पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व
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अध्याय 2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना
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श्लोक 26
श्लोक
17.2.26
इत्युक्त्वा तं महाबाहुर्जगामानवलोकयन्।
श्वाप्येकोऽनुययौ यस्ते बहुश: कीर्तितो मया॥ २६॥
अनुवाद
ऐसा कहकर पराक्रमी युधिष्ठिर उनकी ओर देखे बिना ही आगे बढ़ गए। उनके पीछे एक कुत्ता भी चल रहा था, जिसके विषय में मैं तुमसे कई बार कह चुका हूँ।
Saying this, the powerful Yudhishthira moved ahead without looking at them. A dog also kept following him, about which I have told you many times.
इति श्रीमहाभारते महाप्रस्थानिके पर्वणि द्रौपद्यादिपतने द्वितीयोऽध्याय:॥ २॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत महाप्रस्थानिकपर्वमें द्रौपदी आदिका पतनविषयक दूसरा अध्याय पूरा हुआ॥ २॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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