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mahabharat 17.2.24: ‘राजन्! कृपया मेरी ओर देखिए, मैं आपका प्रिय भीमसेन यहाँ गिरा हूँ। यदि आप जानते हों तो कृपया बताइए कि मेरे गिरने का क्या कारण है?’॥24॥   |   mahabharat अध्याय 17.2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना   ।   mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व  »  अध्याय 2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  17.2.24 
भो भो राजन्नवेक्षस्व पतितोऽहं प्रियस्तव।
किं निमित्तं च पतनं ब्रूहि मे यदि वेत्थ ह॥ २४॥
 
 
अनुवाद
‘राजन्! कृपया मेरी ओर देखिए, मैं आपका प्रिय भीमसेन यहाँ गिरा हूँ। यदि आप जानते हों तो कृपया बताइए कि मेरे गिरने का क्या कारण है?’॥24॥
 
‘King! Please look at me, I, your beloved Bhimasena, have fallen here. If you know, please tell me, what is the reason for my fall?’॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)