Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 16.7.76: समय पर ये व्यवस्था करके अर्जुन आँखों से आँसू बहाते हुए महर्षि व्यास के आश्रम में गए और महर्षि को वहाँ बैठे देखा।   |   mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  16.7.76 
स तत् कृत्वा प्राप्तकालं बाष्पेणापिहितोऽर्जुन:।
कृष्णद्वैपायनं व्यासं ददर्शासीनमाश्रमे॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
समय पर ये व्यवस्था करके अर्जुन आँखों से आँसू बहाते हुए महर्षि व्यास के आश्रम में गए और महर्षि को वहाँ बैठे देखा।
 
Having made these timely arrangements, Arjuna went to the hermitage of Maharishi Vyasa with tears flowing from his eyes and saw the Maharishi sitting there.
 
इति श्रीमहाभारते मौसलपर्वणि वृष्णिकलत्राद्यानयने सप्तमोऽध्याय:॥ ७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत मौसलपर्वमें अर्जुनद्वारा वृष्णिवंशकी स्त्रियों और बालकोंका आनयनविषयक सातवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)