श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  16.7.75 
द्वारकावासिनो ये तु पुरुषा: पार्थमभ्ययु:।
यथार्हं संविभज्यैनान् वज्रे पर्यददज्जय:॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
पार्थ के साथ आये द्वारकावासियों को उचित रूप से विभाजित करके अर्जुन ने वज्र उन्हें सौंप दिया।
 
After properly dividing the Dwaraka residents who had come with Partha, Arjuna handed over the Vajra to them. 75.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)