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श्री महाभारत
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पर्व 16: मौसल पर्व
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अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना
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श्लोक 66
श्लोक
16.7.66
न्यवर्तत ततो राजन् नेदमस्तीति चाब्रवीत्॥ ६६॥
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् अर्जुन युद्ध से निवृत्त होकर बोले - 'यह अस्त्र आदि का ज्ञान स्थायी नहीं है' ॥66॥
Rajan! After that Arjun retired from the war and said – 'This knowledge of weapons etc. is not permanent'. 66॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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