Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.7.61: राजन! अर्जुन के सीधे बाण क्षण भर में ही क्षीण हो गए। जो रक्तपिपासु बाण पहले अक्षय थे, वे उस समय पूर्णतया नष्ट हो गए। 61॥ | mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षणेन तस्य ते राजन् क्षयं जग्मुरजिह्मगा:।
अक्षया हि पुरा भूत्वा क्षीणा: क्षतजभोजना:॥ ६१॥
अनुवाद
राजन! अर्जुन के सीधे बाण क्षण भर में ही क्षीण हो गए। जो रक्तपिपासु बाण पहले अक्षय थे, वे उस समय पूर्णतया नष्ट हो गए। 61॥
Rajan! Arjuna's straight arrows became weak in a moment. The bloodthirsty arrows which were inexhaustible earlier became completely destroyed at that time. 61॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥