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श्री महाभारत
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पर्व 16: मौसल पर्व
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अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना
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श्लोक 49
श्लोक
16.7.49
ततो यष्टिप्रहरणा दस्यवस्ते सहस्रश:।
अभ्यधावन्त वृष्णीनां तं जनं लोप्त्रहारिण:॥ ४९॥
अनुवाद
ऐसा निश्चय करके वे डण्डेधारी लुटेरे लूट का माल लेकर हजारों की संख्या में वृष्णिवंशी समूह पर टूट पड़े ॥49॥
Having thus decided, those stick-wielding robbers, carrying away the loot, attacked that group of Vrishni clan in thousands. ॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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