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mahabharat 16.7.47: लोभ के कारण उनकी बुद्धि की विवेक शक्ति नष्ट हो गई थी। वे दुष्ट बुद्धि वाले पापी आभीर आपस में इस विषय पर विचार करने लगे। 47.   |   mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  16.7.47 
ततस्ते पापकर्माणो लोभोपहतचेतस:।
आभीरा मन्त्रयामासु: समेत्याशुभदर्शना:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
लोभ के कारण उनकी बुद्धि की विवेक शक्ति नष्ट हो गई थी। वे दुष्ट बुद्धि वाले पापी आभीर आपस में इस विषय पर विचार करने लगे। 47.
 
Due to greed, the discernment power of their minds was destroyed. Those evil-minded and sinful Abhiras discussed the matter with each other. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)