श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  16.7.13 
इत्युक्तास्तेन ते सर्वे पार्थेनाक्लिष्टकर्मणा।
सज्जमाशु ततश्चक्रु: स्वसिद्धॺर्थं समुत्सुका:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
बिना किसी प्रयास के महान् कर्म करने वाले अर्जुन की यह बात सुनकर समस्त मन्त्रीगण अपने अभीष्ट की प्राप्ति के लिए अत्यंत उत्सुक होकर तुरंत ही तैयारी करने लगे॥13॥
 
On hearing this from Arjuna, who performed great deeds without any effort, all the ministers, being extremely eager to achieve their desired goal, immediately started preparations. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)