Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.4.5-6: श्रीकृष्ण की अनुमति पाकर बभ्रु वहाँ से चले गए। वे मदिरा के नशे में तो थे ही, अपने भाइयों के मारे जाने से भी अत्यन्त दुःखी थे। जब वे श्रीकृष्ण के पास विश्राम कर ही रहे थे, तभी ब्राह्मणों के शाप से उत्पन्न एक महान मूसल, जो किसी शिकारी के बाण से लगा हुआ था, अचानक उन पर आ गिरा। उसने तत्काल उनके प्राण ले लिए। बभ्रुको मारा हुआ देखकर क्रोधित श्रीकृष्ण ने अपने बड़े भाई से कहा - 5-6॥ | mahabharat अध्याय 16.4: दारुकका अर्जुनको सूचना देनेके लिये हस्तिनापुर जाना, बभ्रुका देहावसान एवं बलराम और श्रीकृष्णका परमधाम-गमन । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीकृष्ण की अनुमति पाकर बभ्रु वहाँ से चले गए। वे मदिरा के नशे में तो थे ही, अपने भाइयों के मारे जाने से भी अत्यन्त दुःखी थे। जब वे श्रीकृष्ण के पास विश्राम कर ही रहे थे, तभी ब्राह्मणों के शाप से उत्पन्न एक महान मूसल, जो किसी शिकारी के बाण से लगा हुआ था, अचानक उन पर आ गिरा। उसने तत्काल उनके प्राण ले लिए। बभ्रुको मारा हुआ देखकर क्रोधित श्रीकृष्ण ने अपने बड़े भाई से कहा - 5-6॥
After receiving the permission of Shri Krishna, Babhru left from there. Not only were they intoxicated by alcohol, they were also deeply saddened by the killing of their brothers. While he was still resting near Shri Krishna, a great pestle born due to the curse of the Brahmins, attached to the arrow of a hunter, suddenly fell on him. He immediately took his life. Seeing Babruko killed, the furious Shri Krishna said to his elder brother - 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥