Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.3.33: जब सात्यकि इस प्रकार मारा जा रहा था, तब रुक्मिणीपुत्र प्रद्युम्न क्रोध में भरकर स्वयं ही उसके और आक्रमणकारियों के बीच में कूद पड़ा ताकि उसे संकट से बचा सके ॥33॥ | mahabharat अध्याय 16.3: कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका परस्पर संहार । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब सात्यकि इस प्रकार मारा जा रहा था, तब रुक्मिणीपुत्र प्रद्युम्न क्रोध में भरकर स्वयं ही उसके और आक्रमणकारियों के बीच में कूद पड़ा ताकि उसे संकट से बचा सके ॥33॥
When Satyaki was being killed in this manner, Rukmini's son Pradyumna, filled with anger, himself jumped between him and the attackers to save him from the danger. ॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥