Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 16.3.24: यह सुनकर सत्यभामा के क्रोध की सीमा न रही। वह श्रीकृष्ण के क्रोध को और बढ़ा कर उनकी गोद में जाकर रो पड़ी।   |   mahabharat अध्याय 16.3: कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका परस्पर संहार   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 3: कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका परस्पर संहार  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  16.3.24 
तच्छ्रुत्वा केशवस्याङ्कमगमद् रुदती तदा।
सत्यभामा प्रकुपिता कोपयन्ती जनार्दनम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर सत्यभामा के क्रोध की सीमा न रही। वह श्रीकृष्ण के क्रोध को और बढ़ा कर उनकी गोद में जाकर रो पड़ी।
 
On hearing this, Satyabhama's anger knew no bounds. She increased Shri Krishna's anger and went crying to his lap.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)