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mahabharat 16.1.30-31h: जो कोई हमसे छिपकर कहीं भी कोई मादक पेय तैयार करेगा, वह स्वयं ही वह अपराध करेगा और अपने भाइयों और सम्बन्धियों के साथ जीवित ही क्रूस पर चढ़ाया जाएगा। ॥30 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 16.1: युधिष्ठिरका अपशकुन देखना, यादवोंके विनाशका समाचार सुनना, द्वारकामें ऋषियोंके शापवश साम्बके पेटसे मूसलकी उत्पत्ति तथा मदिराके निषेधकी कठोर आज्ञा   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 1: युधिष्ठिरका अपशकुन देखना, यादवोंके विनाशका समाचार सुनना, द्वारकामें ऋषियोंके शापवश साम्बके पेटसे मूसलकी उत्पत्ति तथा मदिराके निषेधकी कठोर आज्ञा  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  16.1.30-31h 
यश्च नोऽविदितं कुर्यात् पेयं कश्चिन्नर: क्वचित्॥ ३०॥
जीवन् स शूलमारोहेत् स्वयं कृत्वा सबान्धव:।
 
 
अनुवाद
जो कोई हमसे छिपकर कहीं भी कोई मादक पेय तैयार करेगा, वह स्वयं ही वह अपराध करेगा और अपने भाइयों और सम्बन्धियों के साथ जीवित ही क्रूस पर चढ़ाया जाएगा। ॥30 1/2॥
 
Whoever prepares any intoxicating drink anywhere secretly from us, will himself commit that crime and will be crucified alive along with his brothers and relatives.' ॥ 30 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)