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mahabharat 16.1.11: यह घटना सुनकर सभी पाण्डव शोक और शोक में डूब गए। उनके मन विषाद से भर गए और वे निराश होकर बैठ गए ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 16.1: युधिष्ठिरका अपशकुन देखना, यादवोंके विनाशका समाचार सुनना, द्वारकामें ऋषियोंके शापवश साम्बके पेटसे मूसलकी उत्पत्ति तथा मदिराके निषेधकी कठोर आज्ञा   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 1: युधिष्ठिरका अपशकुन देखना, यादवोंके विनाशका समाचार सुनना, द्वारकामें ऋषियोंके शापवश साम्बके पेटसे मूसलकी उत्पत्ति तथा मदिराके निषेधकी कठोर आज्ञा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  16.1.11 
मौसलं ते समाश्रित्य दु:खशोकसमन्विता:।
विषण्णा हतसंकल्पा: पाण्डवा: समुपाविशन्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
यह घटना सुनकर सभी पाण्डव शोक और शोक में डूब गए। उनके मन विषाद से भर गए और वे निराश होकर बैठ गए ॥11॥
 
All the Pandavas were drowned in sorrow and grief on hearing this incident. Their minds were filled with gloom and they sat down in despair. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)