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mahabharat 15.7.9: हे मनुष्यों के स्वामी! दूतों की शक्ति भी एक-दूसरे के बराबर होती है। समय आने पर राजा को अनेक अवसरों पर इस सिद्धांत को समझ लेना चाहिए। ॥9॥   |   mahabharat अध्याय 15.7: युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रके द्वारा राजनीतिका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 7: युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रके द्वारा राजनीतिका उपदेश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  15.7.9 
तथा चारबलं चैव परस्परसमं नृप।
विज्ञेयं बहुकालेषु राज्ञा काल उपस्थिते॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! दूतों की शक्ति भी एक-दूसरे के बराबर होती है। समय आने पर राजा को अनेक अवसरों पर इस सिद्धांत को समझ लेना चाहिए। ॥9॥
 
O lord of men! The power of the messengers is also equal to each other. When the time comes, the king should understand this principle on many occasions. ॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)