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mahabharat 15.4.2: अब यह राजा बूढ़ा हो गया है, विशेषकर उसके सभी पुत्र मर गए हैं। मुझे विश्वास है कि यह अधिक समय तक यह कष्ट सहन नहीं कर सकेगा॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 15.4: व्यासजीके समझानेसे युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रको वनमें जानेके लिये अनुमति देना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 4: व्यासजीके समझानेसे युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रको वनमें जानेके लिये अनुमति देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  15.4.2 
अयं हि वृद्धो नृपतिर्हतपुत्रो विशेषत:।
नेदं कृच्छ्रं चिरतरं सहेदिति मतिर्मम॥ २॥
 
 
अनुवाद
अब यह राजा बूढ़ा हो गया है, विशेषकर उसके सभी पुत्र मर गए हैं। मुझे विश्वास है कि यह अधिक समय तक यह कष्ट सहन नहीं कर सकेगा॥ 2॥
 
Now this king has grown old, especially as all his sons have perished. I believe that he will not be able to bear this suffering for much longer.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)