श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 39: राजा युधिष्ठिरद्वारा धृतराष्ट्र, गान्धारी और कुन्ती—इन तीनोंकी हड्डियोंको गङ्गामें प्रवाहित कराना तथा श्राद्धकर्म करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  15.39.9 
कर्तुमर्हसि राजेन्द्र तेषां त्वमुदकक्रियाम्।
भ्रातृभि: सहित: सर्वैरेतदत्र विधीयताम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! अब तुम अपने सब भाइयों के साथ जाकर उन तीनों को जल अर्पण करो। इस समय तुम्हारा यही कर्तव्य है।॥9॥
 
Rajendra! Now you should go with all your brothers and offer water to those three. This is the duty you should perform here at this time.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)