श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 39: राजा युधिष्ठिरद्वारा धृतराष्ट्र, गान्धारी और कुन्ती—इन तीनोंकी हड्डियोंको गङ्गामें प्रवाहित कराना तथा श्राद्धकर्म करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  15.39.12 
ततोऽवगाह्य सलिले सर्वे ते नरपुङ्गवा:।
युयुत्सुमग्रत: कृत्वा ददुस्तोयं महात्मने॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उन सब महापुरुषों ने गंगाजल में स्नान करके युयुत्सु को आगे करके महाबली धृतराष्ट्र को जल अर्पण किया॥12॥
 
All those great men, after bathing in the water of the Ganga, placed Yuyutsu ahead and offered water-offerings to the great Dhritarashtra.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)