Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 15.37.19: तभी वहाँ तेज़ हवा चली। जिससे उस जंगल में भीषण आग लग गई। उसने पूरे जंगल को चारों तरफ से जलाना शुरू कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 15.37: नारदजीसे धृतराष्ट्र आदिके दावानलमें दग्ध हो जानेका हाल जानकर युधिष्ठिर आदिका शोक करना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 37: नारदजीसे धृतराष्ट्र आदिके दावानलमें दग्ध हो जानेका हाल जानकर युधिष्ठिर आदिका शोक करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  15.37.19 
अथ वायु: समुद्भूतो दावाग्निरभवन्महान्।
ददाह तद् वनं सर्वं परिगृह्य समन्तत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तभी वहाँ तेज़ हवा चली। जिससे उस जंगल में भीषण आग लग गई। उसने पूरे जंगल को चारों तरफ से जलाना शुरू कर दिया।
 
Just then a strong wind blew there. Due to which a huge fire ignited in that forest. It started burning the entire forest from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)