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mahabharat 15.32.20: हर्षित स्त्री-पुरुषों से भरा वह महान एवं अद्भुत उत्सव कपड़े पर चित्रित चित्र के समान प्रतीत हो रहा था।   |   mahabharat अध्याय 15.32: व्यासजीके प्रभावसे कुरुक्षेत्रके युद्धमें मारे गये कौरव-पाण्डववीरोंका गङ्गाजीके जलसे प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  15.32.20 
तदुत्सवमहोदग्रं हृष्टनारीनराकुलम्।
आश्चर्यभूतं ददृशे चित्रं पटगतं यथा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हर्षित स्त्री-पुरुषों से भरा वह महान एवं अद्भुत उत्सव कपड़े पर चित्रित चित्र के समान प्रतीत हो रहा था।
 
That great and wonderful festival filled with joyful men and women looked like a picture painted on a cloth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)