Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.28.8: हे मनुष्यों के स्वामी! क्या आप उन्हें देखकर प्रसन्न हैं? क्या आपके मन का मैल उनसे दूर हो गया है? क्या ज्ञान से युक्त होने के कारण आपके हृदय की भावना शुद्ध हो गई है?॥8॥ | mahabharat अध्याय 15.28: महर्षि व्यासका धृतराष्ट्रसे कुशल पूछते हुए विदुर और युधिष्ठिरकी धर्मरूपताका प्रतिपादन करना और उनसे अभीष्ट वस्तु माँगनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों के स्वामी! क्या आप उन्हें देखकर प्रसन्न हैं? क्या आपके मन का मैल उनसे दूर हो गया है? क्या ज्ञान से युक्त होने के कारण आपके हृदय की भावना शुद्ध हो गई है?॥8॥
‘O Lord of men! Are you pleased to see them? Has the filth in your mind been removed from them? Has the feeling of your heart become pure due to being endowed with knowledge?॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥