Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.28.22: आपके भाई महात्मा विदुर महान योगबल से संपन्न और बुद्धिमानों में श्रेष्ठ कुन्तीनन्दन, युधिष्ठिर को अपने सामने देखकर उनके शरीर में प्रवेश कर गए हैं॥22॥ | mahabharat अध्याय 15.28: महर्षि व्यासका धृतराष्ट्रसे कुशल पूछते हुए विदुर और युधिष्ठिरकी धर्मरूपताका प्रतिपादन करना और उनसे अभीष्ट वस्तु माँगनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रविष्ट: स महात्मानं भ्राता ते बुद्धिसत्तम:।
दृष्ट्वा महात्मा कौन्तेयं महायोगबलान्वित:॥ २२॥
अनुवाद
आपके भाई महात्मा विदुर महान योगबल से संपन्न और बुद्धिमानों में श्रेष्ठ कुन्तीनन्दन, युधिष्ठिर को अपने सामने देखकर उनके शरीर में प्रवेश कर गए हैं॥22॥
Your brother Mahatma Vidur Kuntinandan, endowed with the power of great yoga and the best among the wise, has entered into his body after seeing Yudhishthir in front of him. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥