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mahabharat 15.27.23: उस समय कुरुवंशीय राजा धृतराष्ट्र, महाबली कुन्तीकुमार युधिष्ठिर तथा भीमसेन आदि ने उठकर वहाँ उपस्थित ऋषियों को प्रणाम किया। 23॥   |   mahabharat अध्याय 15.27: युधिष्ठिर आदिका ऋषियोंके आश्रम देखना, कलश आदि बाँटना और धृतराष्ट्रके पास आकर बैठना, उन सबके पास अन्यान्य ऋषियोंसहित महर्षि व्यासका आगमन   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 27: युधिष्ठिर आदिका ऋषियोंके आश्रम देखना, कलश आदि बाँटना और धृतराष्ट्रके पास आकर बैठना, उन सबके पास अन्यान्य ऋषियोंसहित महर्षि व्यासका आगमन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  15.27.23 
तत: स राजा कौरव्य: कुन्तीपुत्रश्च वीर्यवान्।
भीमसेनादयश्चैव प्रत्युत्थायाभ्यवादयन्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस समय कुरुवंशीय राजा धृतराष्ट्र, महाबली कुन्तीकुमार युधिष्ठिर तथा भीमसेन आदि ने उठकर वहाँ उपस्थित ऋषियों को प्रणाम किया। 23॥
 
At that time, Kuru dynasty king Dhritarashtra, mighty Kuntikumar Yudhishthir and Bhimsen etc. got up and saluted the sages present there. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)