श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 27: युधिष्ठिर आदिका ऋषियोंके आश्रम देखना, कलश आदि बाँटना और धृतराष्ट्रके पास आकर बैठना, उन सबके पास अन्यान्य ऋषियोंसहित महर्षि व्यासका आगमन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  15.27.22 
व्यासश्च भगवान‍् विप्रो देवर्षिगणसेवित:।
वृत: शिष्यैर्महातेजा दर्शयामास पार्थिवम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
दिव्य ऋषियों से सेवित महाबली ब्राह्मण भगवान व्यास भी अपने शिष्यों सहित आये और राजा को दर्शन दिये।
 
The mighty Brahmin Lord Vyasa, served by the divine sages, also came along with his disciples and gave darshan to the king.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)