vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व
»
अध्याय 27: युधिष्ठिर आदिका ऋषियोंके आश्रम देखना, कलश आदि बाँटना और धृतराष्ट्रके पास आकर बैठना, उन सबके पास अन्यान्य ऋषियोंसहित महर्षि व्यासका आगमन
»
श्लोक 19
श्लोक
15.27.19
भीमसेनादयश्चैव पाण्डवा भरतर्षभ।
अभिवाद्योपसंगृह्य निषेदु: पार्थिवाज्ञया॥ १९॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! भीमसेन आदि पाण्डव भी राजा के चरण स्पर्श करके और उन्हें प्रणाम करके बैठ गये।
Bharatshrestha! Bhimsen and other Pandavas also sat down after touching the feet of the king and paying obeisance to him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×