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mahabharat 15.27.19: भरतश्रेष्ठ! भीमसेन आदि पाण्डव भी राजा के चरण स्पर्श करके और उन्हें प्रणाम करके बैठ गये।   |   mahabharat अध्याय 15.27: युधिष्ठिर आदिका ऋषियोंके आश्रम देखना, कलश आदि बाँटना और धृतराष्ट्रके पास आकर बैठना, उन सबके पास अन्यान्य ऋषियोंसहित महर्षि व्यासका आगमन   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 27: युधिष्ठिर आदिका ऋषियोंके आश्रम देखना, कलश आदि बाँटना और धृतराष्ट्रके पास आकर बैठना, उन सबके पास अन्यान्य ऋषियोंसहित महर्षि व्यासका आगमन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  15.27.19 
भीमसेनादयश्चैव पाण्डवा भरतर्षभ।
अभिवाद्योपसंगृह्य निषेदु: पार्थिवाज्ञया॥ १९॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! भीमसेन आदि पाण्डव भी राजा के चरण स्पर्श करके और उन्हें प्रणाम करके बैठ गये।
 
Bharatshrestha! Bhimsen and other Pandavas also sat down after touching the feet of the king and paying obeisance to him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)