Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.24.5: उस समय राजा युधिष्ठिर ने उन सबको प्रणाम किया और नेत्रों में आँसू भरकर उनसे पूछा - 'हे मुनियों! कौरव वंश के रक्षक हमारे ज्येष्ठ पिता इस समय कहाँ चले गए हैं?'॥5॥ | mahabharat अध्याय 15.24: पाण्डवों तथा पुरवासियोंका कुन्ती, गान्धारी और धृतराष्ट्रके दर्शन करना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तानपृच्छत् ततो राजा क्वासौ कौरववंशभृत्।
पिता ज्येष्ठो गतोऽस्माकमिति बाष्पपरिप्लुत:॥ ५॥
अनुवाद
उस समय राजा युधिष्ठिर ने उन सबको प्रणाम किया और नेत्रों में आँसू भरकर उनसे पूछा - 'हे मुनियों! कौरव वंश के रक्षक हमारे ज्येष्ठ पिता इस समय कहाँ चले गए हैं?'॥5॥
At that time King Yudhishthira bowed to them all and with tears in his eyes asked them - 'O sages! Where has our elder father, the protector of the Kaurava dynasty, gone at this time?'॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥