Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.11.9-10h: भैया भीम! राजा धृतराष्ट्र हमारे चाचा और वृद्ध पुरुष हैं। इस समय उन्होंने वनवास की दीक्षा ले ली है और जाने से पहले वे भीष्म सहित अपने सभी मित्रों का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं।॥9 1/2॥ | mahabharat अध्याय 15.11: धृतराष्ट्रका विदुरके द्वारा युधिष्ठिरसे श्राद्धके लिये धन माँगना, अर्जुनकी सहमति और भीमसेनका विरोध । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीम राजा पिता वृद्धो वनवासाय दीक्षित:॥ ९॥
दातुमिच्छति सर्वेषां सुहृदामौर्ध्वदेहिकम्।
अनुवाद
भैया भीम! राजा धृतराष्ट्र हमारे चाचा और वृद्ध पुरुष हैं। इस समय उन्होंने वनवास की दीक्षा ले ली है और जाने से पहले वे भीष्म सहित अपने सभी मित्रों का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं।॥9 1/2॥
Brother Bhima! King Dhritarashtra is our uncle and an old man. At present he has taken the initiation of exile and before leaving he wants to perform the last rites of all his friends including Bhishma.॥9 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥