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mahabharat 15.10.38-39h: 'तुम्हें भी सदाचार और धर्म में उच्च स्थान प्राप्त करना चाहिए। तुम सभी धर्मों को अच्छी तरह जानते हो, इसलिए उत्तम व्रतों का पालन करो।'   |   mahabharat अध्याय 15.10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  15.10.38-39h 
प्राप्स्यते च भवान् पुण्यं धर्मे च परमां स्थितिम्॥ ३८॥
वेद धर्मं च कृत्स्नेन सम्यक् त्वं भव सुव्रत:।
 
 
अनुवाद
'तुम्हें भी सदाचार और धर्म में उच्च स्थान प्राप्त करना चाहिए। तुम सभी धर्मों को अच्छी तरह जानते हो, इसलिए उत्तम व्रतों का पालन करो।'
 
‘You too should attain a high position in virtue and religion. You know all the religions well, therefore, engage yourself in performing the best fasts. 38 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)