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mahabharat 15.10.37-38h: ‘इन श्रेष्ठ ब्राह्मणों के आशीर्वाद से राजा दुर्योधन अपने सहायकों सहित वीरलोक को प्राप्त हों और स्वर्ग में सुख और आनन्द का उपभोग करें।॥37 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 15.10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  15.10.37-38h 
लभतां वीरलोकं स ससहायो नराधिप:॥ ३७॥
द्विजाग्रॺै: समनुज्ञातस्त्रिदिवे मोदतां सुखम्।
 
 
अनुवाद
‘इन श्रेष्ठ ब्राह्मणों के आशीर्वाद से राजा दुर्योधन अपने सहायकों सहित वीरलोक को प्राप्त हों और स्वर्ग में सुख और आनन्द का उपभोग करें।॥37 1/2॥
 
‘May King Duryodhana along with his assistants attain Veerloka with the blessings of these excellent Brahmins and enjoy the happiness and bliss in heaven.॥ 37 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)