श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  15.10.10 
तत: संधाय ते सर्वे वाक्यान्यथ समासत:।
एकस्मिन् ब्राह्मणे राजन् निवेश्योचुर्नराधिपम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राजा! तत्पश्चात् उन सब लोगों ने एकमत होकर अपनी सम्पूर्ण कथा संक्षेप में कहने का भार एक ब्राह्मण पर डाल दिया। उसी ब्राह्मण के द्वारा उन्होंने अपनी कथा राजा को सुनाई॥10॥
 
King! Thereafter all those people unanimously put the responsibility of telling their entire story in brief on a Brahmin. It was through that Brahmin that they told their story to the king.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)