Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.97.d69: जो लोग भूमि का दान करते हैं, वे अपनी समस्त कामनाओं से तृप्त होकर सूर्य के समान तेजस्वी बैलों द्वारा खींचे जाने वाले विमानों द्वारा उस लोक में जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.97: यमलोकके मार्गका कष्ट और उससे बचनेके उपाय   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 97: यमलोकके मार्गका कष्ट और उससे बचनेके उपाय  »  श्लोक d69
 
 
श्लोक  14.97.d69 
भूमिदा यान्ति तं लोकं सर्वकामै: सुतर्पिता:।
उदितादित्यसंकाशैर्विमानैर्वृषयोजितै:॥
 
 
अनुवाद
जो लोग भूमि का दान करते हैं, वे अपनी समस्त कामनाओं से तृप्त होकर सूर्य के समान तेजस्वी बैलों द्वारा खींचे जाने वाले विमानों द्वारा उस लोक में जाते हैं।
 
Those who donate land, after being satisfied with all their desires, travel to that world in planes drawn by bulls, as bright as the sun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)