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mahabharat 14.97.d68: जो मनुष्य ब्राह्मणों को घोड़े, बैल या हाथी दान करते हैं, वे स्वर्णमय विमानों द्वारा यमलोक जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.97: यमलोकके मार्गका कष्ट और उससे बचनेके उपाय   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.97.d68 
अश्वयानं तु गोयानं हस्तियानमथापि वा।
ये प्रयच्छन्ति विप्रेभ्यो विमानै: कनकोपमै:॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य ब्राह्मणों को घोड़े, बैल या हाथी दान करते हैं, वे स्वर्णमय विमानों द्वारा यमलोक जाते हैं।
 
Those who donate horses, bulls or elephants to brahmins go to Yamaloka in golden planes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)