Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.96.d40-d41: जो लोग ब्राह्मणों को गाली देने और उनकी निंदा करने में आनंद लेते हैं, जब वे यमलोक में जाते हैं, तो लाल आंखों वाले क्रूर यमराज उन्हें जमीन पर पटक देते हैं, उनकी छाती पर बैठ जाते हैं और आग में तपे हुए चिमटे से उनकी जीभ निकाल लेते हैं। | mahabharat अध्याय 14.96: बीज और योनिकी शुद्धि तथा गायत्री-जपकी और ब्राह्मणोंकी महिमाका और उनके तिरस्कारके भयानक फलका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग ब्राह्मणों को गाली देने और उनकी निंदा करने में आनंद लेते हैं, जब वे यमलोक में जाते हैं, तो लाल आंखों वाले क्रूर यमराज उन्हें जमीन पर पटक देते हैं, उनकी छाती पर बैठ जाते हैं और आग में तपे हुए चिमटे से उनकी जीभ निकाल लेते हैं।
Those who take pleasure in abusing and defaming Brahmins, when they go to Yamaloka, the cruel Yamaraja with red eyes throws them on the ground, sits on their chest and rips out their tongues with the tongs heated in fire.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥