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mahabharat 14.96.d26: महाराज! प्राचीन काल में देवताओं और ऋषियों ने ब्रह्मा जी के सामने गायत्री मंत्र और चारों वेदों को तराजू पर तौला था। उस समय गायत्री मंत्र चारों वेदों से भी भारी था।   |   mahabharat अध्याय 14.96: बीज और योनिकी शुद्धि तथा गायत्री-जपकी और ब्राह्मणोंकी महिमाका और उनके तिरस्कारके भयानक फलका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.96.d26 
सावित्रीं चैव वेदांश्च तुलयातोलयन् पुरा।
सदेवर्षिगणाश्चैव सर्वे ब्रह्मपुर:सरा:।
चतुर्णामपि वेदानां सा हि राजन् गरीयसी॥
 
 
अनुवाद
महाराज! प्राचीन काल में देवताओं और ऋषियों ने ब्रह्मा जी के सामने गायत्री मंत्र और चारों वेदों को तराजू पर तौला था। उस समय गायत्री मंत्र चारों वेदों से भी भारी था।
 
King! In ancient times, the gods and sages had weighed the Gayatri Mantra and the four Vedas on a scale in front of Lord Brahma. At that time, the Gayatri Mantra was heavier than the four Vedas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)