Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.96.d16: जो लोग प्रतिदिन प्रातः और सायं विधिपूर्वक संध्या उपासना करते हैं, वे वेद रूपी नौका का सहारा लेकर इस संसार सागर को पार करते हैं तथा दूसरों को भी पार करने में सहायता करते हैं। | mahabharat अध्याय 14.96: बीज और योनिकी शुद्धि तथा गायत्री-जपकी और ब्राह्मणोंकी महिमाका और उनके तिरस्कारके भयानक फलका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग प्रतिदिन प्रातः और सायं विधिपूर्वक संध्या उपासना करते हैं, वे वेद रूपी नौका का सहारा लेकर इस संसार सागर को पार करते हैं तथा दूसरों को भी पार करने में सहायता करते हैं।
Those who perform the Sandhya Upasana every morning and evening in a proper manner, they, taking help of the boat of the Vedas, cross this ocean of the world and also help others to cross it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥