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mahabharat 14.93.d6-d7: मैंने मनु, वशिष्ठ, कश्यप, गर्ग, गौतम, गोपालक, पराशर, बुद्धिमान मैत्रेय, उमा, महेश्वर और नंदी द्वारा बोले गए पवित्र ग्रंथों को सुना है।   |   mahabharat अध्याय 14.93: युधिष्ठिरका वैष्णव-धर्मविषयक प्रश्न और भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा धर्मका तथा अपनी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 93: युधिष्ठिरका वैष्णव-धर्मविषयक प्रश्न और भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा धर्मका तथा अपनी महिमाका वर्णन  »  श्लोक d6-d7
 
 
श्लोक  14.93.d6-d7 
श्रुता मे मानवा धर्मा वाशिष्ठा: काश्यपास्तथा।
गार्गीया गौतमीयाश्च तथा गोपालकस्य च॥
पराशरकृता: पूर्वा मैत्रेयस्य च धीमत:।
औमा माहेश्वराश्चैव नन्दिधर्माश्च पावना:॥
 
 
अनुवाद
मैंने मनु, वशिष्ठ, कश्यप, गर्ग, गौतम, गोपालक, पराशर, बुद्धिमान मैत्रेय, उमा, महेश्वर और नंदी द्वारा बोले गए पवित्र ग्रंथों को सुना है।
 
I have heard the holy scriptures spoken by Manu, Vashishtha, Kashyapa, Garga, Gautama, Gopalaka, Parashara, the wise Maitreya, Uma, Maheshvara and Nandi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)