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mahabharat 14.93.d42: मैं देवताओं का मूल हूँ। मैंने ब्रह्मा आदि देवताओं को उत्पन्न किया है। मैं अपने स्वरूप का आश्रय लेकर सम्पूर्ण जगत् की रचना करता हूँ।   |   mahabharat अध्याय 14.93: युधिष्ठिरका वैष्णव-धर्मविषयक प्रश्न और भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा धर्मका तथा अपनी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.93.d42 
अहमादिर्हि देवानां सृष्टा ब्रह्मादयो मया।
प्रकृतिं स्वामवष्टभ्य जगत‍् सर्वं सृजाम्यहम्॥
 
 
अनुवाद
मैं देवताओं का मूल हूँ। मैंने ब्रह्मा आदि देवताओं को उत्पन्न किया है। मैं अपने स्वरूप का आश्रय लेकर सम्पूर्ण जगत् की रचना करता हूँ।
 
‘I am the origin of the gods. I have created gods like Brahma. I create the entire world taking shelter of my nature.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)