Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.93.d21: राजेन्द्र! जो धर्म सुना, देखा, बोला, पालन और स्वीकृत किया जाता है, वह मनुष्य को इन्द्र के पद पर प्रतिष्ठित करता है।   |   mahabharat अध्याय 14.93: युधिष्ठिरका वैष्णव-धर्मविषयक प्रश्न और भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा धर्मका तथा अपनी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 93: युधिष्ठिरका वैष्णव-धर्मविषयक प्रश्न और भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा धर्मका तथा अपनी महिमाका वर्णन  »  श्लोक d21
 
 
श्लोक  14.93.d21 
धर्म:श्रुतो वा दृष्टो वा कथितो वा कृतोऽपि वा।
अनुमोदितो वा राजेन्द्र नयतीन्द्रपदं नरम्॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! जो धर्म सुना, देखा, बोला, पालन और स्वीकृत किया जाता है, वह मनुष्य को इन्द्र के पद पर प्रतिष्ठित करता है।
 
Rajendra! The Dharma that is heard, seen, spoken, followed and approved elevates a man to the position of Indra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)