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एतेभ्य: सर्वधर्मेभ्यो देव त्वन्मुखनि:सृता:।
पावनत्वात् पवित्रत्वाद् विशिष्टा इति मे मति:॥
अनुवाद
परन्तु हे प्रभु! मुझे विश्वास है कि आपके मुख से जो धर्म प्रकट हुआ है, वह शुद्ध एवं पवित्र होने के कारण उपर्युक्त समस्त धर्मों से श्रेष्ठ है।
But, O Lord! I am sure that the Dharma which has been revealed from your mouth is superior to all the above mentioned Dharmas because of its being pure and sacred.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥