Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.92.53: यह घटना महापुरुष युधिष्ठिर के यज्ञ के पूर्ण होने पर घटित हुई और वह नेवला हम सबके देखते-देखते वहाँ से अदृश्य हो गया ॥53॥ | mahabharat अध्याय 14.92: महर्षि अगस्त्यके यज्ञकी कथा । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह घटना महापुरुष युधिष्ठिर के यज्ञ के पूर्ण होने पर घटित हुई और वह नेवला हम सबके देखते-देखते वहाँ से अदृश्य हो गया ॥53॥
This incident took place after the completion of the sacrifice of great soul Yudhishthira and that mongoose disappeared from there in front of all of us. ॥ 53॥
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अनुगीतापर्वणि नकुलोपाख्याने द्विनवतितमोऽध्याय:॥ ९२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अनुगीतापर्वमें नकुलोपाख्यानविषयक बानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९२॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके १२२० श्लोक मिलाकर कुल १२७३ श्लोक हैं, this chapter is split into 22 chapters, this and 21 ahead)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥