श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 90: युधिष्ठिरके यज्ञमें एक नेवलेका उञ्छवृत्तिधारी ब्राह्मणके द्वारा किये गये सेरभर सत्तूदानकी महिमा उस अश्वमेधयज्ञसे भी बढ़कर बतलाना  »  श्लोक 99-100h
 
 
श्लोक  14.90.99-100h 
गोप्रदानसहस्राणि द्विजेभ्योऽदान्नृगो नृप:॥ ९९॥
एकां दत्त्वा स पारक्यां नरकं समपद्यत।
 
 
अनुवाद
राजा नृग ने ब्राह्मणों को हजारों गौएँ दान की थीं; परन्तु दूसरे को केवल एक ही गौ दान की, जिससे उन्हें अधर्म से प्राप्त धन दान करने के कारण नरक जाना पड़ा॥99 1/2॥
 
‘King Nriga had donated thousands of cows to brahmins; but he donated only one cow to someone else, due to which he had to go to hell for donating wealth obtained through wrong means.॥ 99 1/2॥
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