Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.86.15: (अर्जुन कहते हैं-) हे कौरवश्रेष्ठ! अश्वमेध यज्ञ में प्रायः सभी राजा आएंगे। जो भी आए, उसे महान् मानकर उसका पूर्ण आदर-सत्कार करना चाहिए। यही हमारे लिए उचित कार्य है॥ 15॥   |   mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  14.86.15 
आगमिष्यन्ति राजान: सर्वे वै कौरवर्षभ।
प्राप्तानां महतां पूूजा कार्या ह्येतत् क्षमं हि न:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
(अर्जुन कहते हैं-) हे कौरवश्रेष्ठ! अश्वमेध यज्ञ में प्रायः सभी राजा आएंगे। जो भी आए, उसे महान् मानकर उसका पूर्ण आदर-सत्कार करना चाहिए। यही हमारे लिए उचित कार्य है॥ 15॥
 
“(Arjuna says-) ‘O best of Kauravas! Almost all the kings will come to the Ashwamedha Yagna. Whoever comes should be treated with full respect by considering them great. This is the appropriate work for us.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)