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mahabharat 14.86.12: यदुनन्दन! पाण्डव सेना के सेनापति अर्जुन ने इस यज्ञ के सम्बन्ध में जो कुछ सन्देश दिया है, उसे मैं आपसे सुनना चाहता हूँ। 12॥   |   mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.86.12 
यदिदं संदिदेशास्मिन् पाण्डवानां बलाग्रणी:।
तदा ज्ञातुमिहेच्छामि भवता यदुनन्दन॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यदुनन्दन! पाण्डव सेना के सेनापति अर्जुन ने इस यज्ञ के सम्बन्ध में जो कुछ सन्देश दिया है, उसे मैं आपसे सुनना चाहता हूँ। 12॥
 
Yadunandan! I want to hear from you whatever message Arjuna, the leader of the Pandavas army, has given regarding this yagya. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)