vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 85: यज्ञभूमिकी तैयारी, नाना देशोंसे आये हुए राजाओंका यज्ञकी सजावट और आयोजन देखना
»
श्लोक 22
श्लोक
14.85.22
तथा तस्मिन् महायज्ञे धर्मराजस्य धीमत:।
समाजग्मुर्मुनिगणा बहवो ब्रह्मवादिन:॥ २२॥
अनुवाद
बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर द्वारा आयोजित उस महान यज्ञ में वेदों में पारंगत अनेक ऋषिगण भी उपस्थित थे।
Many sages well versed in the Vedas had also attended that great yajna conducted by the wise Dharmaraja Yudhishthira.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×