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श्लोक  14.83.3 
शरभेणार्चितस्तत्र शिशुपालसुतेन स:।
युद्धपूर्वं तदा तेन पूजया च महाबल:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ शिशुपाल के पुत्र शरभ ने पहले युद्ध किया और फिर शक्तिशाली घोड़े का स्वागत करके उसकी पूजा की।
 
There Sharabha, the son of Sisupala, first fought and then worshipped the mighty horse by welcoming him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)