श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 80: चित्रांगदाका विलाप, मूर्च्छासे जगनेपर बभ्रुवाहनका शोकोद्‍गार और उलूपीके प्रयत्नसे संजीवनीमणिके द्वारा अर्जुनका पुन: जीवित होना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  14.80.60 
जानाम्यहमिदं युद्धं त्वया मद्वचनात् कृतम्।
स्त्रीणामागमने हेतुमहमिच्छामि वेदितुम्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
मैं केवल इतना ही जानता हूँ कि तुमने मेरे कहने पर यह युद्ध किया है; किन्तु स्त्रियों के यहाँ आने का क्या कारण है? यह मैं जानना चाहता हूँ ॥60॥
 
I only know that you have fought this war on my advice; but what is the reason for the women coming here? This I want to know.'॥ 60॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)