Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.73.28: हे निष्पाप राजन! मैं यहाँ अर्जुन के उन युद्धों का वर्णन करूँगा जो दोनों ओर के योद्धाओं के लिए अधिक दुःखदायी और महान थे॥28॥   |   mahabharat अध्याय 14.73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  14.73.28 
यानि तूभयतो राजन् प्रतप्तानि महान्ति च।
तानि युद्धानि वक्ष्यामि कौन्तेयस्य तवानघ॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे निष्पाप राजन! मैं यहाँ अर्जुन के उन युद्धों का वर्णन करूँगा जो दोनों ओर के योद्धाओं के लिए अधिक दुःखदायी और महान थे॥28॥
 
Sinless king! I will describe to you here those wars of Arjuna which were more painful and great for the warriors on both sides. 28॥
 
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अनुगीतापर्वणि अश्वानुसरणे त्रिसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अनुगीतापर्वमें अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरणविषयक तिहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७३॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)