Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.73.20: महाराज! हे महामुनि! वह घोड़ा धीरे-धीरे पृथ्वी के उन सभी देशों में विचरण करने लगा, जिन्हें पाण्डवों ने अपने अस्त्रों के बल से जीत लिया था। | mahabharat अध्याय 14.73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डवै: पृथिवीमश्वो निर्जितामस्त्रतेजसा।
चचार स महाराज यथादेशं च सत्तम॥ २०॥
अनुवाद
महाराज! हे महामुनि! वह घोड़ा धीरे-धीरे पृथ्वी के उन सभी देशों में विचरण करने लगा, जिन्हें पाण्डवों ने अपने अस्त्रों के बल से जीत लिया था।
Maharaj! O great sage! That horse gradually began to roam in all the countries of the earth which the Pandavas had conquered by the power of their weapons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥