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mahabharat 14.72.9-10h: तब महाबली व्यास ने धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर से कहा - 'राजन्! जब उचित समय पर उत्तम योग आएगा, तब हम आपको दीक्षा देने के लिए तैयार हैं।'   |   mahabharat अध्याय 14.72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  14.72.9-10h 
ततोऽब्रवीन्महातेजा व्यासो धर्मात्मजं नृपम्॥ ९॥
यथाकालं यथायोगं सज्जा: स्म तव दीक्षणे।
 
 
अनुवाद
तब महाबली व्यास ने धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर से कहा - 'राजन्! जब उचित समय पर उत्तम योग आएगा, तब हम आपको दीक्षा देने के लिए तैयार हैं।'
 
Then the mighty Vyas said to Dharma's son King Yudhishthir - 'King! We are ready to give you initiation when the best yoga comes at the right time. 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)