श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  14.72.7 
वैशम्पायन उवाच
इत्युक्त: स तथेत्युक्त्वा पाण्डव: पृथिवीपति:।
चकार सर्वं राजेन्द्र यथोक्तं ब्रह्मवादिना॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन्! यह सुनकर पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर ने 'बहुत अच्छा' कहकर ब्रह्मवादी व्यासजी के उपदेशानुसार सम्पूर्ण कार्य सम्पन्न किया।
 
Vaishmpayana says - King! On hearing this, the son of Pandu, king Yudhishthira said 'very good' and completed the entire task as per the advice of the Brahmavadi Vyas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)